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सीतापुर ,प्रशिक्षण पूरा, फाइलेरिया रोधी दवा खिलाने को स्वास्थ्य कार्यकर्ता तैयार .

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सीतापुर ,प्रशिक्षण पूरा, फाइलेरिया रोधी दवा खिलाने को स्वास्थ्य कार्यकर्ता तैयार 

- 12-25 जुलाई तक चलेगा राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन अभियान 

- आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की टीमें घर-घर खिलाएंगीं दवा 

सीतापुर, 10 जुलाई। जिले में राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन अभियान 12 जुलाई से शुरू होकर 25 जुलाई तक चलेगा। इस अभियान के तहत आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की टीम घर-घर जाकर लोगों को अपने सामने फाइलेरियारोधी दवा खिलाने का काम करेगी। इस अभियान को लेकर सभी सीएचसी और शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आशा, आंगनबाड़ी, सुपरवाइजर और ड्रग एडमिनिस्ट्रेटर (दवा वितरक) को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें फाइलेरिया (हाथी पांव) क्या है, लक्षण, बचाव, किसे दवा खिलाई जानी है, दवा का प्रभाव आदि के बारे में जानकारी दी गई है। अभियान में सहयोग कर रही डब्ल्यूएचओ, पाथ, पीसीआई एवं पीएसआई संस्था के प्रतिनिधियों व प्रभारी चिकित्साधिकारी (एमओआईसी) स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशिक्षित कर रहे हैं। यह दवा दो वर्ष से कम बच्चों, गर्भवती और अत्यन्त गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों को नहीं दी जानी है, लेकिन जो लोग उच्च रक्त चाप, मधुमेह, अर्थराइटिस रोग की दवा का सेवन कर रहे हैं, वह इस दवा का सेवन अवश्य करें। 

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मच्छर के काटने से फैलती है बीमारी --- 

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मधु गैरोला ने बताया कि यह बीमारी फ्युलेक्स एवं मैनसोनाइडिस प्रजाति के मच्छरों के काटने से हाेती है। यह मच्छर जब मच्छर किसी को काटते हैं तो वह मानव शरीर में एक धागे के समान परजीवी को छोड़ते हैं। यह परजीवी हमारे शरीर में प्रवेश कर इस बीमारी को जन्म देते हैं। शुरुआत में फाइलेरिया बीमारी के लक्षण नहीं दिखते हैं। फाइलेरिया बीमारी से हाथ, पैर, स्तन और अंडकोष में सूजन पैदा हो जाती है। सूजन के कारण फाइलेरिया प्रभावित अंग भारी हो जाता है और विकलांगता जैसी स्थिति बन जाती है। ‘मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (सामूहिक दवा सेवन) कार्यक्रम’ के तहत 12 जुलाई से स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा घर-घर जाकर मुफ्त खिलाई जाएगी। 

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घबराएं नहीं, दवा खाने पर बुखार आना है सामान्य --- 

जिला मलेरिया अधिकारी अनिल कुमार मिश्रा ने बताया कि सामान्य लोगों में, जिनके शरीर में फाइलेरिया रागे के कीटाणु नहीं है, दवा सेवन से कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता है। शरीर में यदि फाइलेरिया के कृमि (माइक्रो फाइलेरिया) हैं, तो इस दवा के सेवन वह प्रभावित होते हैं और ऐसे में बुखार, खुजली, उल्टी जैसे लक्षण हो सकते हैं जो स्वतः तीन से चार घंटे में समाप्त हो जाते हैं। इस लक्षण के होने पर इसका सामान्य इलाज किया जा सकता है। इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है। हाइड्रोसिल का इलाज संभव है इसके मुफ्त आॅपरेशन की सुविधा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एवं जिला अस्पताल पर मुफ्त उपलब्ध है। इससे बचाव के लिए घर के आस-पास पानी जमा न होने दें और सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।

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