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सिधौली ,धूमधाम से मनाया गया न्याय के देवता शनि देव का तेरवा वार्षिकोत्सव.

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सिधौली ,धूमधाम से मनाया गया न्याय के देवता शनि देव का तेरवा वार्षिकोत्सव


सिधौली(सीतापुर)स्थानीय कस्बे में स्थित अति प्राचीन श्री सिद्धेश्वर महादेव मंदिर में स्थित मे न्यायाधीश श्री शनिदेव भगवान के मंदिर में उनका 13 वाँ वार्षिकोत्सव कोविड 19 के नियमों को ध्यान में रखते हुये मनाया गया। श्री सिद्धेश्वर राधाकृष्ण मंदिर प्रबंध समिति के प्रबंधक स्वामी प्रकाशानंद सरस्वती ने बताया कि प्रत्येक वर्ष को न्यायाधीश शनिदेव भगवान का वार्षिकोत्सव का कार्यक्रम वृहद स्तर पर होता था लेकिन कोरोना वैश्विक महामारी को देखते हुए तेरहवाँ वार्षिकोत्सव सूक्ष्म रूप से मनाया गया। उन्होंने बताया कि भगवान शनिदेव के मंदिर का निर्माण सिधौली नि0 दिनेश वर्मा ने अपने पिता की स्मृति में लोक कल्याण के लिए बनवाया था। न्यायाधीश शनिदेव भगवान के वार्षिकोत्सव पर मंदिर प्रांगण सुन्दरकाण्ड पाठ का आयोजन किया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार पं0 दयाशंकर त्रिपाठी के द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ दिनेश वर्मा ने वीर पवन पुत्र का पूजन वन्दन किया उसके बाद मंगल ग्रुप सिधौली के रामभक्तो द्वारा सुबह 9:00 बजे सुंदर काण्ड पाठ प्रारम्भ किया गया। वही अपरान्ह 1:30 पं0 दयाशंकर त्रिपाठी व पं0सागर दीक्षित के द्वारा मंत्रोच्चारण के साथ नगर अध्यक्ष मीना राजपूत व पूर्व अध्यक्ष गंगाराम राजपूत के द्वारा न्यायाधीश शनिदेव भगवान व सभी देवी देवताओं का पूजन अर्चन किया गया। सायंकाल भक्तो के श्रृंगार आरती की गई उसके बाद मंगल ग्रुप सिधौली के द्वारा  मंदिर प्रांगण में सुंदर सुंदर भजनों की शुरुआत गणेश वंदना जय गणेश...जय महदेवा.. जय गणेश जय महदेवा....विपिन मिश्र के द्वारा सुंदर भजन बाबा हमे तेरी आदत हो गई ....जीवन की सुबह तुम हो.....जीने की वजह तुम हो....गिरजा मिश्रा के द्वारा सुंदर भजन शिव मस्तक ब्राइट है  सुशोभित मून विद लाइट है.... नीरज मिश्रा के द्वारा तू कितनी अच्छी है....तू कितनी प्यारी है....

अनिल श्रीवास्तव,रिंकू आदि के द्वारा भजनों को गुणगान किया गया। कार्यक्रम के समापन पर मंदिर के प्रबंधक परमहंस स्वामी प्रकाशानंद सरस्वती ने श्रोताओं से कहा कि सत्संग के बिना जीव को सद्गति प्राप्त नहीं हो सकती और बिना सत्संग के  विवेक नहीं मिल सकता और कोई भी जीव बिना ईश्वर की कृपा और राम की कृपा के बिना कभी भी सुखी नहीं रह सकता और कहा कि मनुष्य का जीवन मिला है तो अच्छे कार्य मे लगाओ और भगवान की भक्ति करोऔर अपने जीवन को सत्मार्ग की ओर ले जाओ। भजन के माध्यम से उन्होंने संदेश दिया कहा कि सोचो जरा तुम करो,मन मे विचार मानव जन्म नहीं हर बार क्यों तू आया है इस संसार मे.... तेरा राम जी करेंगे बेड़ा पार उदासी मन काहे को डरै...ये भजन सुनकर  सभी भक्तप्रेमी मस्ती से झूम उठे और मंदिर का प्रांगण तालियों व वाद्य यंत्रो से गुंजायमान हो गया। कार्यक्रम के समापन पर प्रसाद वितरण किया गया। इस अवसर पर कन्हैयालाल दीक्षित,मंदिर के अध्यक्ष अनिल मिश्र,राम आसरे पांडेय,पंकज मिश्र प्राचार्य तुलसी मानस संस्थान,पं0अवधेश मिश्रा, रामलखन शर्मा,जगत,हरी जायसवाल,उपेंद्र त्रिपाठी,कल्लू गोस्वामी,आलोक,जायसवाल,आलोक शर्मा,विनीत श्रीवास्तव, अनूप श्रीवास्तव,गोविन्द, दीपक शुक्ला,लवकुश, टिंकू गुप्ता सहित भक्त मौजूद रहे ।

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