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इटावा ,जनपद में हो रही है टीबी मरीजों की जियो टैगिंग, दर्ज हो रहा है लोकेशन.

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इटावा ,जनपद में हो रही है टीबी मरीजों की जियो टैगिंग, दर्ज हो रहा है लोकेशन


12 जुलाई से 25 जुलाई तक दस्तक अभियान के तहत खोजे जाएंगे क्षय रोगी


इटावा,12 जुलाई 2021


देश को टीबी मुक्त कराने के लिए शासन-प्रशासन पूरे दमखम से जुटा है। कोरोना काल में टीबी मरीजों की तलाश जारी रही अब विभाग ने टीबी मरीजों को जियो टैगिंग शुरू कर दी है। इस कार्य के लिए टीबी मरीजों के घर जाकर उनकी लोकेशन निक्षय पोर्टल पर दर्ज कर रहे हैं। जिले में कुल 8152 मरीज सरकारी अस्पताल के और 1863 मरीज प्राइवेट अस्पताल के चिन्हित किए गए हैं ।जिनका डाटा पोर्टल पर अपलोड होना है।अभी तक लगभग 65 फ़ीसदी डाटा अपलोड कर दिया गया है। 12 जुलाई से 25 जुलाई तक दस्तक अभियान चलाया जा रहा है। आशा कार्यकर्ताओं के द्वारा संभावित क्षय रोगियों को चिन्हित किया जाएगा ऐसे संभावित रोगियों की टीबी जांच कराई जाएंगी।

जिला क्षय रोग अधिकारी ने बताया 1 जनवरी 2019 से 30 जून 2021 तक 10015 टीबी रोगी निजी व सरकारी क्षेत्र के सभी क्षय रोगियों को जियो टैगिंग करते हुए उनका लोकेशन अपडेट करने का निर्देश प्राप्त हुआ है। और यह कार्य स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा किया जा रहा है।

उन्होंने बताया जियो टैगिंग से पता चल जाएगा कि किस क्षेत्र या गांव में क्षय रोगियों की सघनता ज्यादा है। ताकि टीबी रोगी खोजी अभियान के दौरान उस क्षेत्र को विशेष फोकस किया जा सके।


जियो टैगिंग में जुटे 21 स्वास्थ्य कर्मी

क्षय विभाग में जिला समन्वयक कंचन तिवारी ने बताया टीवी मरीजों के जियो टैगिंग में 21 कर्मचारी लगाए गए हैं जिसमें 11 सीनियर ट्रीटमेंट सुपरवाइजर 4 सीनियर ट्रीटमेंट लेब सुपरवाइजर व 6 टीबी स्वास्थ्य परिदर्शक शामिल है। उन्होंने बताया यह टीम निरंतरता से क्षय रोगियों की जियो टैगिंग के कार्य में लगी हुई है। और इन रोगियों के लोकेशन निक्षय पोर्टल पर दर्ज कर रही है। आगामी 31 जुलाई तक लगभग सभी मरीजों का लोकेशन पोर्टल पर दर्ज कर दिया जाएगा। साथ ही दस्तक अभियान में घर घर जाकर क्षय रोगियों की खोज कर उनको स्वास्थ्य लाभ दिलाया जाएगा।


क्या है जियो टैगिंग


जियो टैगिंग ऐसी भौगोलिक जानकारी है जो फोटो नक्शे और वीडियो के माध्यम से दर्शाई जाती है। इसका आक्षांशीय और देशांतरीय डाटा मरीज के संपर्क रहने में बहुत मददगार साबित होता है। इनमें अन्य जानकारियों में जगह का नाम और क्षेत्र ही नहीं बल्कि समुद्र तल से उसकी ऊंचाई किसी स्थान से उसकी दूरी भी शामिल होती है।

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