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25 वर्षीय युवक ने साइकिलिंग अभियान के जरिए की दुष्कर्म के झूठे आरोपों पर कड़ी सजा की मांग।.

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25 वर्षीय युवक ने साइकिलिंग अभियान के जरिए की दुष्कर्म के झूठे आरोपों पर कड़ी सजा की मांग।


शहर - यूथ अगेंस्ट रेप (YAR), यूथ अगेंस्ट इनजस्टिस फाउंडेशन (Y.A.I.F) के तहत, देश में हो रहे अन्याय को मिटाने के लिए रेप मुक्त भारत की दृष्टि से शुरू की गई एक पहल है। अब यह भारत का सबसे बड़ा समुदाय है जो बलात्कार और झूठे बलात्कार के आरोपों के खिलाफ लड़ रहा है।


21 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में इनकी टीमें हैं। टीम यार ने सफलतापूर्वक 1500+ सेमिनार, 450+ जागरूकता अभियान, 120+ स्वच्छता अभियान, विभिन्न खुशियां बांटो अभियान आयोजित किए हैं, जहां पूरे भारत में 40,000 होममेड मास्क, 28000 भोजन, 3500 राशन किट और 60000 से अधिक सैनिटरी नैपकिन वितरित किए जा चुके है। Y.A.I.F के संस्थापक पीयूष मोंगा, 2 मुख्य सदस्यों के साथ, पूरे भारत में जागरूकता फैलाने के लिए 50,000+ कि०मी के साइकिल अभियान पर हैं। अब तक उन्होंने देश के विभिन्न हिस्सों में 10,000+ कि०मी की दूरी तय की है। लेकिन, COVID परिदृश्य के कारण साइकिलिंग अभियान को रोका गया है।


टीम यार अब 45-60 दिनों का एक साइक्लिंग अभियान आयोजित करने जा रही है। 17 जुलाई 2021 को यूथ अगेंस्ट इनजस्टिस फाउंडेशन (Y.A.I.F) के संस्थापक  पीयूष मोंगा साइकिल पर अकेले हिसार से कारगिल और कश्मीर की यात्रा शुरू करेंगे। इस अभियान का मकसद लोगों को झूठे रेप के आरोपों से जुड़ी समस्याओं से अवगत कराना है। वह इस मिशन से लोगो को जागरूक करने और भारतीय सेना पर लगे झूठे रेप के आरोपों के खिलाफ उनका समर्थन करने के लिए पेडल फॉर अनहर्ड वॉयस के आदर्श वाक्य के तहत भारत की दुर्गम सड़कों पर पेडलिंग करेंगे।


इसी के उपलक्ष्य में अभियान का उद्घाटन समारोह 17 जुलाई 2021 को भारत विकास परिषद रिहैबिलेशन सेन्टर, हिसार में सुबह 10:00 बजे आयोजित किया जाएगा। उद्घाटन सत्र में हिसार की कुछ जानी-मानी और सम्मानित हस्तियां भी शामिल होंगी।


पीयूष मोंगा कहते हैं, कोई भी आवाज़ अनसुनी नहीं रहनी चाहिए, सभी को समान अवसर दिया जाना चाहिए। यह अभियान उन पुरुषों को सशक्त करेगा जो झूठे आरोप लगने के कारण आशा खो देते हैं। सच तो यह है कि देश में झूठे आरोप महामारी की तरह फैल रहे हैं। लोगों पर दहेज का झूठा आरोप लगाया जा रहा है, अगर कोई पुरुष रिश्ते को अस्वीकार करते हैं या पैसे देने से इनकार करते हैं तो उनको और उनके पूरे परिवार को अपमान, सजा और कभी-कभी अविस्मरणीय दर्द भुगतना पड़ता है। हालांकि आरोप झूठे साबित होने के बाद भी महिला को आरोपों का सामना नहीं करना पड़ता है।


उन्होंने कहा, यह अभियान भारत में लैंगिक समानता की मिसाल कायम करेगा। हम ऐसा काम करने वाली महिलाओं के लिए कम से कम 14 साल के कारावास की मांग करते हैं। यह झूठे आरोप से पीड़ित लोगों को विनाश से बचाएगा और हमारे कानून को मजबूत करेगा।


यह अभियान हिसार से शुरू होकर चंडीगढ़, मनाली, लेह, कारगिल, कश्मीर, उधमपुर, जम्मू, लुधियाना तक लगभग 2 महीने तक जारी रहेगा और हिसार में ही समाप्त होगा।

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