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कमलापुर ,दूसरे गाटा संख्या के खसरा नंबर पर दूसरे गाटा संख्या की कट गयी बाग .

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कमलापुर ,दूसरे गाटा संख्या के खसरा नंबर पर दूसरे गाटा संख्या की कट गयी बाग 


भ्रष्टाचार की भेंट चढे

प्रतिबंधित हरे-भरे वृक्ष वन बिभाग ने जारी किया दूसरे गाटा संख्या का खसरा

एक तरफ सरकार वृक्षारोपण महाकुंभ मना रही है वही सरकार के कुछ भ्रष्ट नुमाइंदे चलवा रहे हरे भरे पेड़ों पर आरा


कमलापुर सिधौली सीतापुर । जहां प्रदेश की योगी सरकार पर्यावरण को लेकर पूरे प्रदेश में वृक्षारोपण महाकुंभ को लेकर करोड़ों वृक्ष लगाने का अभियान चला  रही है कुछ भ्रष्ट लोगों के चलते पर्यावरण को नुकसान पहुंचाया जा रहा है ।एवं हरे भरे वृक्षों को धड़ल्ले से काटा जा रही है ।ऐसा ही एक ताजा मामला जनपद सीतापुर के तहसील सिधौली अन्तर्गत ग्राम पंचायत सरौरा कला मे देखने को मिला है ।जंहा पर सरकार के कुछ भ्रष्ट अधिकारियों की साठ गांठ से या यूं कहे कि खाऊ कमाऊ की नीति के चलते अवैध प्रतिबंधित हरे भरे पेडो को काट डाला गया । प्राप्त जानकारी के अनुसार सरौरा कलां निवासी ठेकेदार नफीस द्वारा उन्ही के परिवार के सिरदार अली के गाटा संख्या 398 की जगह दूसरे गाटा संख्या की बाग 398 गाटा संख्या पर परमीशन बना   तुकमी आम की बाग को भ्रष्ट अधिकारियों की साट गांठ से कलमी दर्शाकर अवैध तरीके से  तुकमी आम के हरे भरे  वृक्षो को काट डाला । जब कि ग्रामीणो का कहना है कि इस बाग के सभी वृक्ष तुकमी थे और इसका गाटा संख्या भी दूसरी है  वही जब  इसकी  जानकारी लेने के लिए वन  क्षेत्राधिकारी महेन्द्र प्रताप सिंह को फोन किया गया तो उनका फोन रिसीव नही हुआ । फिर जब उप जिलाधिकारी सिधौली को फोन किया गया तो उन्होने कहा अभी दिखवाता हूं। परन्तु ४८ घण्टे बीत जाने के बाद भी वहां पर कोई भी अधिकारी व कर्मचारी मौके पर नही पहुंचा। जिससे लकड़कट्टो के हौंसले और भी बुलंद हो गये।एवं वह सभी पेडो़ को काटकर लकडी़ उठा ले गये।

जब कि इसी मामले मे ग्रामीणो का आरोप है। कि इस बाग का परमीशन लेने के लिए जो खसरा लेखपाल द्वारा दिया गया वह भी गलत तरीके से दूसरे नंबर का लगा दिया गया ।ग्रामीणो ने बताया कि गाटा संख्या ३९८

का जो खसरा परमीशन लेने के लिए लगाया गया वह गलत है क्यो कि गाटा संख्या ३९८ मे तीन भाग ३९८ , ३९८क , एवं ३९८ख है । ३९८ खतौनी मे सिरदार अली के नाम दर्ज है। जब कि ३९८क मोहकमा जंगलाद (वन विभाग)  के नाम दर्ज है। एवं ३९८ख बंजर की जमीन है। एवं गाटा संख्या ३९९व ४०० भी वन विभाग के नाम दर्ज है। जो वहां पर आस पास दूर दूर तक कहीं दिखायी नही दे रही है । जब इस प्रकरण पर क्षेत्रीय लेखपील विवेक पाण्डेय से बात की गयी तो वह कोई स्पष्ट जबाब न देकर गोल मोल घुमाते नजर आये उन्होंने बताया कि वह गाटा संख्या बैनामा के समय गलत हो गया था इसलिए उन्हे खतौनी पर दर्ज 399 गाटा संख्या का खसरा दिया गया । अब यह बात समझ से परे है कि अगर किसी का बैनामा गलत हो गया तो पहले उस बैनामा को सुधरवाने के पश्चात ही खसरा जारी करना था  एवं जब तक मामला विवादित था तो बाग कटने का परमीशन कैसे दे दिया गया । इसके बाद जब हमारे संवाददाता ने क्षेत्रीय कानून गो रामफल वर्मा को फोन लगाया तो वह भी इस पर कोई जबाब नही दे सके इसके बाद हमारे संवाददाता ने तहसील दार सिधौली से इस मामले की जानकारी लेनी चाही तो उन्होने बताया कि अगर इस पर कोई  लिखित शिकायत मिलती है। तो कार्यवाही की जायेगी अन्यथा आप लोग क्यों परेशान है। अब ऐसे मे सवाल यह उठता है। कि जब जिम्मेदार भी इस तरह की औचित्यहीन बाते करेंगें तो भ्रष्टाचार को निश्चित ही बढा़वा मिलेगा।जिससे भ्रष्टाचारियों के हौंसले बुलंद होते रहेंगें।

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