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इटावा ,उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना का शुभारंभ .

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इटावा ,उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना का शुभारंभ आज 


योजना के तहत चिन्हित लाभार्थी बच्चों को वितरित किए जाएंगे स्वीकृति पत्र : डीपीओ  


इटावा, 21 जुलाई 2021 ।


कोविड काल में जिन बच्चों ने माता-पिता दोनों या दोनों में से किसी एक को खोया है, उनकी देखभाल व शिक्षा  के लिए सरकार द्वारा वृहस्पतिवार (22 जुलाई) को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना की विधिवत शुरुआत होने जा रही है | मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ वृहस्पतिवार को दोपहर 12 बजे लोक भवन (लखनऊ) से योजना का शुभारम्भ करेंगे | इस योजना के तहत कोरोना काल में अनाथ, संकटग्रस्त हुए बच्चों को आर्थिक सहयोग प्रदान किया जाएगा। जिला प्रोबेशन अधिकारी (डीपीओ) सूरज सिंह ने बताया - जनपद में भी यह कार्यक्रम प्रेरणा सभागार विकास भवन में सुबह 11  बजे से आयोजित होगा। उन्होंने बताया - इस योजना के अंतर्गत शून्य  से 18 वर्ष तक की आयु के बच्चों को प्रतिमाह ₹4000 की आर्थिक सहायता और कक्षा 9 से ऊपर की शिक्षा प्राप्त करने वाले 18 वर्ष की आयु के बच्चों को लैपटॉप, टेबलेट देने की व्यवस्था की गई है, व बालिकाओं के विवाह हेतु 101000 की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।

जिला प्रोबेशन अधिकारी ने बताया इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि द्वारा जनपद के चिन्हित 18 लाभार्थी बच्चों को स्वीकृति पत्र भी दिया जाएगा। जनपद में 18 चिन्हित बच्चों में 09 बालिकाएं और 9 बालक हैं ।  कार्यक्रम में उनकी पात्रता के अनुसार उनको आर्थिक मदद प्रदान की जाएगी। उन्होंने बताया कि कोरोना काल (मार्च 2020 से) में अनाथ हुए बच्चों के भविष्य को संवारने के लिए आर्थिक और शैक्षिक मदद पहुँचाने के उद्देश्य से यह योजना शुरू की गयी है । उत्तर प्रदेश शासन से छह जुलाई को निदेशक - महिला कल्याण को जारी पत्र के मुताबिक़ अब इस योजना के दायरे में ऐसे परिवारों के अनाथ हुए बच्चों को भी शामिल किया गया है  जिनके परिवार की सालाना आय तीन लाख रूपये तक है । 

उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना

कोविड काल (मार्च 2020 से) में अपने माता-पिता या दोनों में से किसी एक को खोने वाले बच्चों के जीवन को संवारने के लिए तैयार ‘उ. प्र. मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना’ शुरू की गयी है । इसके अलावा इस योजना का मूल उद्देश्य परेशान बच्चों को तत्काल मदद पहुंचाना और उनको गलत हाथों में जाने से बचाना है । इस योजना के तहत अनाथ हुए बच्चों के भरण-पोषण, शिक्षा, चिकित्सा आदि की व्यवस्था का पूरा ध्यान रखा गया है । इसमें जिक्र था कि शून्य से 18 साल के ऐसे बच्चे जिनके माता-पिता में से किसी एक की मृत्यु कोविड काल में हो गयी हो और वह परिवार का मुख्य कर्ता हो और वर्तमान में जीवित माता या पिता सहित परिवार की आय दो लाख रूपये प्रतिवर्ष से अधिक न हो को ही योजना में शामिल किया गया था, अब इसी शर्त को अब परिवर्तित कर तीन लाख रूपये आय सीमा कर दी गयी है । योजना की श्रेणी में आने वाले बच्चों के वैध संरक्षक के बैंक खाते में 4000 रूपये प्रतिमाह दिए जाएंगे ।

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