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उर्दू विभाग के लिए कला संकाय, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (वाराणसी) के अभिनव भवन में आवंटित नए स्थान का हुआ उद्घाटन.

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उर्दू विभाग के लिए कला संकाय, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (वाराणसी) के अभिनव भवन में आवंटित नए स्थान का हुआ उद्घाटन


वाराणसी उर्दू विभाग के लिए कला संकाय, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (वाराणसी) के अभिनव भवन में आवंटित नए स्थान का उद्घाटन संकाय प्रमुख प्रो. विजय बहादुर सिंह ने किया । इस अवसर पर कला संकाय प्रमुख ने कहा कि यह उर्दू विभाग के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे विश्वविद्यालय के लिए ऐतिहासिक क्षण है । उर्दू विभाग के सामने कई दशकों से स्थान को लेकर चुनौती आ रही थी लेकिन हम सब के सामूहिक प्रयास से विभाग को बेहतर जगह आवंटित किया जा सका है । उन्होंने कहा कि उर्दू और हिन्दी दोनों सगी बहनें हैं । इतिहास वही बनाता है जो इतिहास जानता है । उर्दू का इतिहास ही चुनौतियों से मुक़ाबला करने का रहा है । जब परिस्थितियाँ विपरीत हों तो समूह के साथ ही उन चुनौतियों से निपटा जा सकता है । स्थान समीक्षा समिति के अध्यक्ष एवं प्राचीन इतिहास विभाग के अध्यक्ष प्रो. ओ. एन. सिंह ने कहा कि उर्दू और हिन्दी दोनों देश की महत्वपूर्ण भाषाएँ हैं । इनकी प्रगति के लिए हम सभी को एक साथ मिलकर कार्य करने की ज़रूरत है । उर्दू अगर प्रगति करेगी तो हिन्दी अपने आप करेगी । इस अवसर पर धन्यवाद ज्ञापन देते हुए प्रो आफ़ताब अहमद आफ़ाक़ी ने कहा कि उर्दू विभाग बीएचयू का सबसे प्राचीन विभागों में से एक है । मालवीय जी ने जिस दूरदर्शिता के साथ उर्दू विभाग की स्थापना की थी वह बहुत सालों से उदासीनता का शिकार रहा । लेकिन संकाय प्रमुख प्रो विजय बहादुर सिंह ने संकल्पबद्ध होकर उर्दू विभाग को नई जगह आवंटित की । इस से पठन पाठन और शोध में मदद मिलेगी । वहीं वर्ल्ड नेचुरल डेमोक्रेसी के प्रेसिडेंट व लेखक जावैद अब्दुल्लाह ने भी इस मौक़े को बीएचयू के लिए एक तारीख़ी बाब क़रार दिया । इस अवसर पर दूसरे विभाग के शिक्षकों ने भी उनका भरपूर समर्थन किया जिनमें प्रो. रंगनाथ पाठक, प्रो. श्रीप्रकाश शुक्ल आदि महत्वपूर्ण लोग थे । विभाग की तरफ़ से स्वागत डॉ. मुशर्रफ़ अली ने किया । इस अवसर पर प्रो. अशोक सिंह, प्रो. श्रीप्रकाश शुक्ल, प्रो. प्रभाकर सिंह, प्रो. अशफ़ाक़ अहमद, प्रो. अक़ील अहमद, डॉ. एहसान हसन, डॉ. क़ासिम अंसारी, डॉ अब्दुस्समी, डॉ. ऋषि कुमार शर्मा, डॉ. अफ़ज़ल मिस्बाही, हाजी वसीम अहमद, आदि मौजूद रहे ।

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