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हरदोई, विनोबा भावे के सेवा,प्रेम,दया,करुणा और स्वाबलंबन ने देश को दिशा दिखाई:सुरेश खन्ना.

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हरदोई, विनोबा भावे के सेवा,प्रेम,दया,करुणा और स्वाबलंबन ने देश को दिशा दिखाई:सुरेश खन्ना

हरदोई। विनोबा भावे आश्रम पर आयोजित संत विनोबा भावे की 126 वी जयंती समारोह में कैबिनेट मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि विनोबा जी की सेवा के लिए रमेश भैया के पावन पुरुषार्थ को नमन करता हूं। पवित्र भावना से लोगों को बिनोवा भावे के दिखाए गए रास्ते से प्रभावित करना।वास्तव में विनोवा के विचारों को आत्मसात करने पर जोर देता है।विनोबा जी का बहुत ही आकर्षक व्यक्तित्व था। महाराष्ट्र में उन्हें संत विनोबा का नाम, गांधी ने ही नाम दिया था।वह लोगों से अलग हटकर सोचते थे।भूदान जैसा आंदोलन,किसी भी महाद्वीप में ऐसा आंदोलन नहीं हुआ।सती प्रथा हटाई।सेवा,त्याग,करुणा,प्रेम का भाव दिया।35 हजार हेक्टेयर भूमि दान में लेकर जरूरत मंदो को बांटा।शास्त्रों ने त्याग का रास्ता दिखाया।मंत्री जी ने कहा कि चेहरा व्यक्ति का इंडेक्स होता है।जो लोग नशा करते हैं, उनके चेहरे पर उसके भाव परिलक्षित होते हैं।समाज सेवा करने वालों का चेहरा सदैव चमकता रहता है।समाज सुधारक बहुत हुए हैं।परंतु बाबा आमटे के बाद कुष्ठ रोगियों की सेवा उज्जैन में सुधीर गोयल द्वारा किया जाना वास्तव में अद्वितीय है।जिन लोगों को लोग साथ रखना पसंद नहीं करते।उनकी सेवा करना।ऐसे लोग वास्तव में महामानव हैं। श्री खन्ना ने कहा कि

विनोबा विचार प्रवाह से प्रभावित अनेक अनुयायियों ने सेवा का रास्ता चुना।रमेश भैया ने 1980 से निरंतर 41साल की यात्रा में लोगों को स्वंलबी बनाया।इस आश्रम ख्याति फैली।दूसरों की जिंदगी को आसान बनाया।बहन विमला और उर्मिला के भाव लोगों को प्रभावित करते हैं।यह सम्पूर्ण कार्यक्रम बाबा विनोबा से ओत प्रोत है।

रमेश भैया ने अभिलाषा व्यक्त करते हुए कहा कि मंत्री जी शाहजहांपुर में गांधी प्रतिमा के समीप विनोबा की प्रतिमा लगवा दें।और

राजधानी में विनोबा भावे की कुटिया बनवा दें।इससे उनका कार्य और सहज व आसान हो जायेगा।

संजय भाई ने बताया कि भूदान आंदोलन ने देश की दिशा और दशा बदली।बिनोवा विचार प्रवाह कार्यक्रम एक सितंबर से आज तक चला।उनका प्रश्न था कि आध्यात्मिकता क्या है?आध्यात्मिकता लोगों के दिलों को जोड़ना है।

सर्वोदय आश्रम टड़ियावां की अध्यक्ष उर्मिला श्रीवास्तवा ने कहा कि विनोबा भावे एक साधक, एक सेवक थे। उन्होंने न्याय समता त्याग जैसे मूल्यों को लेकर संत परंपरा का निर्वाह किया।जय जगत के माध्यम से देशों को जोड़ा।बाबा के रास्ते में दुनिया का समाधान है।गांधी विनोबा की सेवा पर हमे गर्व है।वह अमृत महोत्सव को रास्ता दिखाने का काम कर रहे हैं।

अजय भाई ने कहा कि दीपक छोटा हो या बड़ा सूर्यास्त के बाद उसी का प्रकाश रोशनी देता है।सांस्कृतिक एकता में बंधने का काम हमेशा संतों ने किया है।आज के ही दिन स्वामी विवेकानन्द का शिकागो में उद्घोष हुआ था।इस लिए भी आज का दिन महत्वपूर्ण है।

पी सी एस अधिकारी अशोक शुक्ला,उदय भाई,राहुल भाई,पूर्व सांसद नरेश यादव,सुधीर गोयल आदि ने बताया कि बाबा ने शांति और क्रांति दोनों को महत्व दिया।इस 126 वी जयंती पर प्रदर्शनी के चित्र स्कूल तक जाएं।सरकार पाठ्यक्रम में विनोबा भावे को शामिल करे।देश भर में उनके विचारों को प्रतियोगिता के माध्यम से फैलाएं।बच्चों को भी संस्कार मिलें,

परिवार से संस्कार मिलना नहीं है।ग्रामीण वाचनालय की शुरुआत करें

पहले पेटी में फिर अलमारी आदि खुद आ जायेगी।राहुल ने कहा कि गांव सुंदर बने।बच्चों की शिक्षा प्राकृतिक तरीके से हो।खिलौने,फूल आदि से जोड़कर सिखाया जाए।

इस अवसर पर शिव सत्संग मण्डल के केंद्रीय संयोजक अम्बरीष कुमार सक्सेना,स्वावलंबी अनुराग श्रीवास्तव,भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के जिला संयोजक नवनीत गुप्ता, पीसीएस अधिकारी अशोक कुमार शुक्ला,वैज्ञानिक सुरेश चंद्र मिश्र एवं अनेक समाजसेवियों को सम्मानित किया गया।

विमला बहन के नन्ही पहल कार्यक्रम के माध्यम से वीरेश,रिजवान,इरफान,रहीस,रामेश्वर,

खुशी राम,अशोक,अंजली,आदि 25 दिव्यांगों को उपहार देकर सम्मानित किया गया।

समापन पर कार्यक्रम अध्यक्ष सुधीर गोयल ने कहा कि रमेश भैया सन 1976 से बाबा के सच्चे अनुगामी हैं।भैया मोहित, मुदित, दिव्या,विमला बहन और उनकी पूरी टीम बधाई की पात्र है।इस अवसर पर बड़ी संख्या में विनोबा भावे के अनुयायियों ने विनोबा जी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित करते हुए माल्यार्पण किए।विमला बहन ने सभी अभ्यागतों के प्रति आभार व्यक्त किया।

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