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Hardoi,भ्रष्टाचार के सामने दम तोड़ गई प्रधानमंत्री आवास योजना.

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Hardoi,भ्रष्टाचार के सामने दम तोड़ गई प्रधानमंत्री आवास योजना 


खंडहर सरकारी बिल्डिंग में रह रही महिला, झोपड़ी वालों को भी नहीं मिला आवास


गरीबी के चलते गरीबों को कछौना ब्लॉक में नहीं मिलते आवास


मुख्यमंत्री पोर्टल एवं प्रार्थना पत्र भी यहां पर हैं बेअसर


हरदोई। विकासखंड कछौना में ब्याप्त भ्रष्टाचार के सामने दम तोड़ती प्रधानमंत्री आवास योजना एक ग्राम सभा में दर्जनों पात्र आज भी पड़े वंचित दशकों से खंडहर सरकारी बिल्डिंग में महिला कर रही निवास एवं कुछ व्यक्ति दूसरे की दीवार पर त्रिपाल डालकर कर रहे गुजारा विकासखंड में व्याप्त भ्रष्टाचार के सामने मुख्यमंत्री पोर्टल एवं दिए गए प्रार्थना पत्र भी हो रहे बेअसर विकास खंड अधिकारी से बात करने के लिए उनके नंबर पर फोन मिलाने पर वह बात करने से कतराते और फोन उठाते ही नहीं यदि उठाते भी है तो कॉल काट देते हैं।


बताते चलें कि आजादी के बाद से आज तक उत्तर प्रदेश में सरकारें आईं और चली गई लेकिन गरीबी के नाम पर सरकारों के द्वारा विभिन्न योजनाएं चलाई गई लेकिन पात्र व्यक्ति आज भी इन योजनाओं से वंचित पड़े हुए हैं उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद सरकार के द्वारा गरीबों के लिए महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री आवास योजना का शुभारंभ किया गया परंतु यह योजना उक्त विकासखंड में व्याप्त भ्रष्टाचार के सामने दम तोड़ गई जो गरीब आवास से वंचित थे वह आज भी वंचित पड़े हुए हैं और गरीबी के चलते वह प्रधानमंत्री आवास योजना से दूर बने हुए हैं मुख्यमंत्री पोर्टल पर उन गरीबों के द्वारा आवास की मांग की गई तथा अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर मांग की गई लेकिन उनकी झोपड़ी तक देखने की किसी अधिकारी अथवा कर्मचारी ने जहमत तक नहीं उठाई जिसके चलते मुख्यमंत्री पोर्टल भी इनके सामने मजाक बनकर रह गया है।


विकासखंड कछौना के महरी ग्राम सभा में दर्जनों गरीब पात्र व्यक्ति दशकों पूर्व से दूसरे की दीवार पर त्रिपाल डालकर तथा फूस की झोपड़ी बनाकर एवं साधन सहकारी समिति की खंडहर में तब्दील बिल्डिंग में गुजारा कर रहे हैं ऐसे में जर्जर सहकारी समिति की बिल्डिंग कब ढह जाए कहा नहीं जा सकता यदि उसमें गुजारा करने वाले गरीब परिवार के साथ किसी प्रकार की घटना घटित हो जाती है तो उसका जिम्मेदार आखिर कौन होगा। साधन सहकारी समिति की दशकों पूर्व रिजेक्ट हुई खंडहर बिल्डिंग में रेखा देवी पत्नी त्रिपुरारी लंबे समय से रहकर गुजारा कर रही है जबकि पति त्रिपुरारी कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से ग्रसित था जिसकी मौत हो गई थी कई बार विकास खंड अधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर आवास की मांग की लेकिन महिला को आज तक आवास उपलब्ध नहीं हो सका सरकारी भवन की स्थिति यह है कि पता नहीं कब ढह जाए और कितनी बड़ी घटना घटित हो जाए जबकि दूसरा पात्र मजरा विवियापुर निवासी सोमवती पत्नी विजयशंकर लंबे समय से खुले आसमान के नीचे गुजारा कर रही है गांव में प्रधान बदलते रहे परंतु इस गरीब की झोपड़ी नहीं बदल सकी जबकि सोमवती ने विकास खंड अधिकारी को आवास की मांग को लेकर प्रार्थना पत्र दिया गया विकास खंड अधिकारी ने आश्वासन दिया था कि मौके की जांच कराई जाएगी लेकिन उस झोपड़ी तक आज भी कोई जांच करने नहीं पहुंच सका तीसरा पात्र महरी निवासी फूल कुमारी पत्नी मानेश्वर भुर्जी जोकि दूसरे की दीवार पर बांसों के सहारे फटी पुरानी झिल्ली तान कर लंबे समय से परिवार सहित जीवन यापन कर रहा है इसकी कोई सुनने वाला नहीं है चौथा पात्र रजनी पत्नी मुनू भूर्जी निवासी महरी जोकि लंबे समय से दूसरे के दीवार के सहारे फूस की झोपड़ी बनाकर आज भी गुजारा कर रहा है पांचवा पात्र रफीकुननिशा पत्नी मेहंदी हसन लंबे अरसे से कच्चा मकान ढह जाने के बाद उसी जमीन पर त्रिपाल की झोपड़ी बनाकर छोटे-छोटे बच्चों के साथ जीवन यापन कर रहा है जो कि आज भी आवास से वंचित पड़ा हुआ है सरकारी लाभ के नाम पर सिर्फ एक शौचालय उपलब्ध हो सका है जबकि उक्त पात्र मेहंदी हसन के द्वारा दो बार मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के द्वारा प्रधानमंत्री आवास की मांग की गई परंतु आज तक कोई भी अधिकारी व कर्मचारी झोपड़ी तक नहीं पहुंच सका और वह आज भी आवास योजना से वंचित पड़ा हुआ है यह सब वह गरीब पात्र हैं जिनको अपने बच्चों को दो जून रोटी की व्यवस्था कर पाना भारी पड़ रहा है गरीबी के चलते रिश्वत देने से असमर्थ हैं यह सभी गरीब प्रधानमंत्री आवास योजना से आज भी वंचित पड़े हुए हैं यदि यह रिश्वत देने में सक्षम होते तो शायद इनको भी इस योजना का लाभ मिल गया होता विकासखंड में व्याप्त भ्रष्टाचार का मात्र एक उदाहरण ग्रामसभा महरी बनी हुई है।

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