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इटावा,क्षय रोग विभाग निजी चिकित्सकों व दवा विक्रेताओं का कर रहा संवेदीकरण.

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इटावा,क्षय रोग विभाग निजी चिकित्सकों व  दवा विक्रेताओं का  कर रहा संवेदीकरण


एच -1  शेड्यूल व  क्षय रोगियों के नोटिफिकेशन पर दिया जा रहा विशेष बल

इटावा, 20अक्टूबर 2021

क्षय रोग विभाग द्वारा जनपद में निजी चिकित्सकों और दवा विक्रेताओं का टी.बी. के प्रति संवेदीकरण किया जा रहा है। यह अभियान निजी चिकित्सालय व दवा दुकानों (मेडिकल स्टोर) के लिए चलाया जा रहा है।

जिला क्षय रोग अधिकारी (डीटीओ) डॉ बीएल संजय ने बताया - जनपद में संवेदीकरण के लिए 10 टीमों का गठन किया गया है ।  इसमें सीनियर ट्रीटमेंट सुपरवाइजर, टीबी हेल्थ विजिटर व सीनियर ट्रीटमेंट लैब सुपरवाइजर द्वारा जनपद के निजी चिकित्सकों और मेडिकल स्टोर पर जाकर टीबी के मामलों का नोटिफिकेशन कराने का महत्त्व बताते हुए शत प्रतिशत मामलों का नोटिफिकेशन कराने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। उन्होंने बताया - यह अभियान 12 अक्टूबर से चल रहा है जो कि 31 अक्टूबर तक चलाया जाएगा जिसमें विभाग की टीमें पांच  दिन शहर और पांच  दिन ब्लॉक  में निजी चिकित्सालय और मेडिकल स्टोर पर जाकर रोगियों के नोटिफिकेशन और एच 1 शेड्यूल की उपयोगिता  के बारे मे बताएंगी।

जिला कार्यक्रम समन्वयक कंचन तिवारी ने बताया - क्षय रोग विभाग जन आंदोलन कार्यक्रम के तहत निजी चिकित्सकों और दवा विक्रेताओं का संवेदीकरण कार्यक्रम पूरे अक्टूबर माह तक चलाएगा  । इसमें अभी तक 200 निजी चिकित्सकों व दवा विक्रेताओं का संवेदीकरण किया जा चुका है। उन्होंने बताया - सभी दवाओं की दुकान पर जाकर एच-1  शेड्यूल की सूचना संकलित करने और इसके सही रखरखाव के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दी जाएगी, साथ ही अभियान के तहत एमबीबीएस और एमडी चिकित्सकों से संपर्क भी किया जा रहा है । 12 अक्टूबर से चल रहे इस अभियान में  कुल 458 चिकित्सक पैथोलॉजी मेडिकल स्टोर तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है। टीमें दौरा कर मैपिंग कर रहीं हैं।

जिला पीपीएम समन्वयक निर्मल सिंह ने बताया - टीबी के प्रति लोग जागरूक हो रहे हैं और धीरे-धीरे खुलकर अपनी समस्या और बीमारी के विषय में बात कर रहे हैं और शासन द्वारा नि:शुल्क इलाज व अन्य सुविधाओं का लाभ भी ले रहे हैं । उन्होंने बताया कि लोगों को टीबी के प्रति जागरूक करने के लिए नए-नए तरीके अपनाए जा रहे हैं ताकि वर्ष 2025 तक देश से टीबी को समाप्त किया जा सके ।  इसके लिए टीबी मरीजों को समय से दवा देना हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने बताया - दवा विक्रेता दवाई उपलब्ध कराने से पहले रोगी का नोटिफिकेशन हो गया है यह सुनिश्चित करें, ऐसा न होने पर वह स्वास्थ्य विभाग को इसकी सूचना समय रहते उपलब्ध कराएं। उन्होंने बताया दवा विक्रेताओं को विजिट करते समय हम बताते हैं कि नियमावली के अनुसार वैधानिक अनिवार्यता है कि खुदरा दवा विक्रेता केवल रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर के पर्चे पर ही टीबी की दवा की बिक्री करें। जो भी टीबी का रोगी दवा लेने आए, उसके बारे में संबंधित जानकारी लेते हुए यह भी सुनिश्चित करें कि उसका नोटिफिकेशन हुआ है या नहीं। टीबी रोगी को बेची गई दवा का शेड्यूल एच1 पर रिपोर्ट प्रति माह औषधि निरीक्षक के माध्यम से सीएमओ अथवा डीटीओ के कार्यालय में उपलब्ध कराया जाना अनिवार्य है।

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