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इटावा,मिशन शक्ति के तहत बालिकाओं को स्वाबलंबी बना रहीं डॉ पदमा त्रिपाठी.

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इटावा,मिशन शक्ति के तहत बालिकाओं को स्वाबलंबी बना रहीं डॉ पदमा त्रिपाठी

इटावा 26 अक्टूबर 2021

जनपद में केके डिग्री कॉलेज के अर्थशास्त्र विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ पद्मा त्रिपाठी अपने अध्यापन कार्य के साथ बालिकाओं को नारी सम्मान व स्वाबलंबन और सुरक्षा के प्रति जागरूक बना रही हैं ।
 जिला स्तर पर एक अच्छी शिक्षिका, समाजसेवी और कुशल वक्ता के रूप में पहचान बना चुकी डॉ पद्मा त्रिपाठी समाज में अच्छे कार्यों के लिए सदैव जानी जाती है।  उन्हें जिला स्तर पर मिशन शक्ति पुरस्कार से भी पुरस्कृत किया जा चुका है। समझा। उन्होंने बताया परिवारिक परिस्थितियों के कारण उनकी मां की पढ़ाई अधूरी रह गई थी इसलिए उनकी मां ने उन्हें पढ़ाई के महत्व के बारे में बचपन से ही जागरूक बनाया और निरंतर उन्हें पढ़ने के लिए प्रोत्साहित करती रही। आज एक शिक्षिका के रूप में मैं जो भी हूं वह अपनी मां की वजह से हूं। उन्होंने बताया जब भी मैं क्लास रूम में बच्चों को पढ़ाती हूं तो विशेषकर कॉलेज आने वाली बालिकाओं को शिक्षा के प्रासंगिकता का महत्व, शिक्षा के प्रति बच्चियों को जागरूक करना साथ ही सम्मान पूर्ण जीवन के अधिकार के संबंध में भी उनको व्यवहारिक रूप से समझाती  हूं। डॉ त्रिपाठी कहती हैं 1989 में जनता महाविद्यालय अजीतमल में जब मैं शिक्षिका के रूप आई तब समाज में  बालिका शिक्षा के प्रति भेदभाव को व्यावहारिक रूप से देखा, इसने मुझे अंदर से झकझोरा और तब  से ही मैंने उन बच्चियों की सहायता करना शुरू कर दिया   जो अभी तक जारी है। समाज में आज बहुत जरूरी है कि हर स्त्री को शिक्षा का अधिकार मिले और इस अधिकार का लाभ लेते हुए आत्मनिर्भर बन दूसरी स्त्रियों को भी प्रेरित करें और एक स्वस्थ समाज का निर्माण करें। वर्तमान परिवेश में शिक्षिका होने के नाते और नारी सशक्तिकरण के लिए जनपद की सभी बालिकाओं को अनवरत अध्ययन रुचि बनाए रखने और अध्ययन के साथ सामाजिक रूप में सशक्त बनाने के लिए मैं निरंतर प्रयासरत रहूंगी, क्योंकि शिक्षा वह शस्त्र है जिससे आप हर स्तर की लड़ाई लड़ सकते हैं  और जीत सकते हैं। उन्होंने बताया जब से अध्यापन क्षेत्र में आई हूं निरंतर कोशिश करती हैं बालिकाएं गहन अध्ययन करें, किताबों के करीब आयें और ज्ञान से नारीशक्तिकरण के रुप में जनपद में अपनी छटा बिखेरें। 
डॉ त्रिपाठी ने कहा उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि शिक्षा जगत की है और स्वयं पति भी हमेशा मुझे प्रोत्साहित करते रहते हैं जिससे मुझमें समाज के लिए कुछ अच्छा करने की इच्छा बनी रहती है।

के के डिग्री कॉलेज की पूर्व छात्रा प्रीति कहती हैं कि उनकी आर्थिक स्थिति सही नहीं थी।  यदि पदमा मैम उनका सहयोग नहीं करती तो वह कभी भी स्नातक की पढ़ाई पूरी नहीं कर पाती। वह बताती हैं शिक्षा के साथ नारी सम्मान स्वाबलंबन और सुरक्षा के प्रति मैम का मार्गदर्शन हमेशा मुझे ही नहीं बल्कि मेरे साथ पढ़ने वाली सभी छात्राओं को मिला।
मिशन साहसी से जुड़ी विद्यालय की छात्रा तान्या ने बताया कोविड काल से पूर्व मिशन साहसी के तहत पदमा मैम के निर्देशन में जनपद कुछ लड़कियो को आत्म सुरक्षा के लिए जूडो कराटे का नि:शुल्क प्रशिक्षण दिलाया गया। और प्रशिक्षण पाकर उन लड़कियों द्वारा ही जनपद के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों के विद्यालयों में लगभग 5000 लड़कियों को निशुल्क प्रशिक्षण दिया गया। और मैम व्यक्तिगत रूप से सभी का मार्गदर्शन करती रहीं।
एमए अर्थशास्त्र की छात्रा अलका ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया मैम के द्वारा सभी लोगों को आगे बढ़ने और कुछ अच्छा करने की प्रेरणा मिलती है। वह हम सभी छात्राओं को समय-समय पर घरेलू हिंसा, छेड़खानी जैसी समस्याओं से निपटने के लिए टोल फ्री नंबर के बारे में जानकारी तो देती है साथ ही यह कहती हैं जब कोई इस तरह की समस्या हो तो मुझसे भी मदद ले सकती हैं।

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