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अटरिया,एनजीटी के मानकों की धज्जियां उड़ा रहा कबरन गाँव के समीप चलरहा ईंट भठ्ठा .

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अटरिया,एनजीटी के मानकों की धज्जियां उड़ा रहा कबरन गाँव के समीप चलरहा ईंट भठ्ठा 


अटरिया सीतापुर जनपद के विकाश खण्ड सिधौली के अटरिया के कबरन गांव के निकट मानकों के विपरीत चलरहा ईट भठ्ठा फल दार वनस्पति सहित कृषि की उर्वरता 50 फीसदी हुई कम जिले में ईंट भट्ठों का अवैध धंधा तेजी से चल रहा है। खनिज विभाग से बिना अनुमति लिए, नियम कानून को ताक में रखकर सरकारी व निजी जमीन में अवैध तरीके से बेरोकटोक ईंट बनाने का धंधा चल रहा है।


इस कारोबार से शासन को लाखों रुपए की रायल्टी का चूना तो लग रहा है, साथ ही अटरिया, गुलरिहा, कबरन, रनुआ पारा भठखेरवा, आदि कई गाँव प्रदूषित होने की वजह से लोगों के स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ रहा। इस अवैध ईंट व्यवसाय से जंगल, जमीन, जल का अस्तित्व भी खतरे में पड़ गया है। इसके बावजूद खनिज विभाग के अफसर चुप्पी साधकर बैठे हुए हैं।


खनिज कार्यालय में सैकड़ो ईंट भट्ठे पंजीकृत हैं, लेकिन जिले में अधिकांस  ईंट भट्ठे मानक विहीन तरीके से संचालित हो रहे हैं। अटरिया से रनुआ पारा मार्ग,कबरनव रनुआ पारा गांवके बीच सड़क के किनारे ही  खेत और तालाब से लगी जमीन पर ईंट बनाने का काम चल रहा है। इससे लाखों रुपए की रायल्टी की चोरी भी हो रही है।


इसके बावजूद खनिज विभाग के अफसर चुप्पी साधकर बैठे हुए हैं। लाखों कमाने के लालच में अवैध रूप से ईंट भट्ठा लगाने वाले खनिज विभाग को चूना लगा रहे हैं। मिली जानकारी के अनुसार ईंट भट्ठे की आड़ में ये लोग जंगल क्षेत्रों में पेड़ों की अवैध रूप से कटाई भी करा रहे हैं और इन्हीं लकड़ियों से ईंट पका रहे हैं।


ऐसी जगहों पर ईंट भट्ठा संचालन की अनुमति मिलने से प्रशासन की कार्यशैली पर भी प्रश्न चिन्ह लग रहा है। वस्तु स्थिति जानने खनिज विभाग के अफसर को कई बार फोन किया गया, पर उन्होंने काल रिसीव कर कोई जवाब नहीं दिया।


*भट्ठों में ईंटों को पकाने के लिए काट रहे पेड़*


बड़े-बड़े भट्ठों में ईंटों को पकाने के लिए पेड़ों की कटाई कर उनकी लकड़ी का उपयोग धड़ल्ले से किया जा रहा है। ईंट भट्ठे वाले हरियाली का विनाश करने के साथ ही आबोहवा को भी प्रदूषित करने में कोई कसर नहीं छोड़ रखी है। जबकि अधकारी कुछ इस तरह कहकर मामले से किनारा काट लेते है कि यदि नियम विरुद्ध ईंट भट्ठे जिलें में संचालित हो रहे होंगे, तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


जिले में सबसे ज्यादा अवैध ईंट भट्ठों का कारोबार सिधौली ब्लाक में हो रहा है। एक अनुमान के अनुसार इस क्षेत्र में लगभग दर्जन से अधिक ईंट भट्ठे हैं। सिधौली से 12।किमी दूर अटरिया क्षेत्र में दर्जन से अधिक अवैध ईंट भट्ठे संचालित हो रहे हैं। इस क्षेत्र के ग्रामीणों ने प्रशासन से इसकी शिकायत की है, लेकिन अधिकारी कार्रवाई नहीं कर रहे


 *कहां चला था मानकविहीन ईट भठ्ठो पर बुल्डोजर*


सीतापुर के लहरपुर छेत्र के दो ईट भठ्ठो पर प्रशाशनिक कार्यवाही हुई थी बताया जा रहा है के उक्त इट भठ्ठे बिना प्रदूषण बनवाए ही संचालित किए जा रहे थे


*घट रही मिट्टी की उर्वरता*


भट्टा संचालक मिट्टी खनन में भी नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। प्रशासन स्तर से सिर्फ डेढ़ फिट तक ही मिट्टी उठाने का नियम है, लेकिन संचालक पांच-पांच फिट तक खनन कर मिट्टी को बंजर बना रहे हैं।


जिला कृषि अधिकारी बताते हैं, "जिन-जिन क्षेत्रों में ईंट भट्टे संचालित है। मिट्टी के पोषक तत्व गायब हो चुके हैं। वो आगे बताते हैं, "यदि भट्टा प्रभावित क्षेत्रों में अधिक खनन होगा तो पांच फिट नीचे निकलने वाली मिट्टी पांच साल बाद ही फसल उगाने योग्य बन पाएगी

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