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सीतापुर,मातृ वंदना सप्ताह केतहत गर्भवती का हो रहा पंजीकरण.

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सीतापुर,मातृ वंदना सप्ताह केतहत गर्भवती का हो रहा पंजीकरण 

- 27 मार्च तकशिविरों का आयोजन कर दिलाया जाएगा लाभ 

सीतापुर। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई) के तहत 21 मार्च से  मातृ वंदना सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है।  इसके तहत सभी ब्लॉक सीएचसी और शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर पंजीकरण शिविर और बैकलॉग निस्तारण शिविर आयोजित किये जा रहे हैं। इन शिविरों में वार्षिक पंजीकरण के साथ-साथ लंबित प्रकरणों का निस्तारण भी किया जा रहा है। इसके साथ ही योजना के प्रचार-प्रसार एवं क्रियान्वयन के लिए  प्रत्येक आशा कार्यकर्ताओं एवं संगिनियों के द्वारा अधिक से अधिकलाभार्थियों के फॉर्म को एकत्रित एवं पूर्ण कराकर शत-प्रतिशत पंजीकरण किया जा रहा है। 90 दिन से अक्रियाशील आशा कार्यकर्ताओं पर भी फोकस किया किया जा रहा है और उनके माध्यम से फॉर्म भरकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में जमा किये जा रहे हैं। 

योजना के नोडल अधिकारी व एसीएमओ डॉ. कमलेश चंद्रा ने बताया कि इस योजना के माध्यम से पहली बार गर्भवती होने वाली महिलाओं को  पांच हजार रुपए तीन किस्तों में दिए जाते हैं । रजिस्ट्रेशन होते ही गर्भवती के खाते में एक हजार रुपए की किस्त भेज दी जाती है। उन्होंने बताया कि गर्भावस्था के दौरान इस योजना से मिलने वाली धनराशि से महिलाएं पोषक आहार का सेवन करती हैं जिससे उनकी सेहत अच्छी रहती है। गर्भवती की सेहत अच्छी होने से वह स्वस्थ बच्चे को जन्म देती हैं। उन्होंने बताया है कि जिले की सभी आशा कार्यकर्ता क्षेत्र में पहली बार गर्भवती होने वाली सभी महिलाओं का योजना की जानकारी दें और उनका आवेदन कराएँ। 

इनसेट --- 

इस तरह मिलता है योजना का लाभ --- 

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई) के जिला कार्यक्रम समन्वयक अम्बरीश दुबे ने बताया कि इस योजना केतहत गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं को पहले जीवित बच्चे के जन्म के दौरान लाभ होता है। योजना की लाभ राशि लाभार्थी के बैंक खाते में सीधे भेजी जाती है। यह धनराशि तीन किश्तों में दी जाती है। 

-       पहली किस्त- 1000 रुपए गर्भावस्था के पंजीकरण के समय 

-       दूसरी किस्त- 2000 रुपए,यदि लाभार्थी छह महीने की गर्भावस्था के बाद कम से कम एक प्रसवपूर्व जांच करा लेती  हैं । 

-       तीसरी किस्त- 2000 रुपए, जब बच्चे का जन्म पंजीकृत हो जाता है और बच्चे को बीसीजी, पोलिया, डीपीटी और हेपेटाइटिस-बी सहित पहले टीके का चक्र पूरा हो जाता है। 

इनसेट --- 

इन्हें नहीं मिलता है योजना का लाभ --- 

प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना का लाभ उन महिलाओं को नहीं मिलता है जो केंद्रीय या राज्य सरकार या किसी सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम के साथ नियमित रोजगार में हैं, अथवाजो किसी अन्य योजना या कानून के तहत समान लाभ प्राप्त कर रहीं हैं।

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