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सीतापुर,आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर पढ़ा रहीं परिवार नियोजन का पाठ.

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सीतापुर,आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर पढ़ा रहीं परिवार नियोजन का पाठ

- 6.34 लाख परिवारों तक पहुंचने का लक्ष्य

सीतापुर। खुशहाल परिवार से ही बनेगा स्वस्थ समाज और नियोजित परिवार खुशहाली का आधार जैसे मूलमंत्रों के बारे में जानकारी देकर स्वास्थ्य विभाग की बुनियाद कही जाने वाली आशा कार्यकर्ता इन दिनों गांव-गांव और घर-घर जाकर लोगों को परिवार नियोजन का पाठ पढ़ा रहीं हैं। बीती 27 जून से शुरू हुए दंपति संपर्क पखवारा के तहत वह लोगों को छोटे परिवार के लाभ गिना रहीं हैं। इस पखवारे का समापन आगामी 10 जुलाई को होगा।

सीएमओ डॉ. मधु गैरोला ने बताया कि 27 जून से 10 जुलाई तक चलने वाले इस दंपति संपर्क पखवारा के दौरान आशा कार्यकर्ता अपने-अपने कार्य क्षेत्र की आबादी में योग्य दंपति यानि जिनको परिवार नियोजन के बारे में परामर्श की आवश्यकता है, को चिन्हित करने का काम कर रहीं हैं। उन्होंने बताया कि इस अभियान में जिले भर की 3,731 आशा कार्यकर्ता काम कर रहीं हैं, जोकि 15-49 साल की आयुवर्ग के 6 लाख 34 हजार से भी अधिक याेग्य दंपतियों से संपर्क कर उन्हें परिवार नियोजन के लिए बास्केट ऑफ चॉइस के बारे में जानकारी दे रहीं हैं। इस दौरान आवश्यकता पड़ने पर टेली काउंसिलिंग की भी मदद ले रहीं हैं। आशा कार्यकर्ता योग्य दंपतियों को छाेटे परिवार के लाभाें के बारे में जानकारी देने के साथ ही उन्हें परिवार नियोजन के अस्थायी साधन खाने की गोलियों के अलावा अंतरा इंजेक्शन और आयूसीडी को अपनाने के लिए प्रेरित कर रही हैं। इच्छुक लाभार्थी के लिए पुरुष या महिला नसबंदी का पंजीकरण भी कर रही हैं। इस पखवारे के समापन के बाद 11 जुलाई से हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर सीएचओ (कम्युनिटी हेल्थ अफसर) द्वारा परिवार नियोजन की सुविधाएं और सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। 

इनसेट ---

*गत वर्षों की उपलब्धियां ---*

परिवार कल्याण कार्यक्रम के प्रबंधक जावेद खान ने बताया कि ने बताया कि जिले में वित्तीय वर्ष 2019-20 में जहां 6.41 लाख कंडोम की खपत थी वहीं 2021-22 में बढ़कर 7.2 लाख से अधिक हो गई है। वर्ष 2020-2021 में 5,744 महिलाओं ने अंतरा इंजेक्शन लगवाया था, वहीं वर्ष 2021-2022 में 7,791 महिलाओं ने यह इंजेक्शन लगवाया है। वर्ष 2020-2021 में 14,324 महिलाओं ने पीपी आईयूसीडी की सेवा का लाभ लिया था, वहीं वर्ष 2021-2022 में 18,087 महिलाओं ने इस सेवा का लाभ लिया है। इसी तरह वर्ष 2020-2021 में 9,999 महिलाओं ने आईयूसीडी सेवा का लाभ लिया था, वहीं वर्ष 2021-2022 में 10,430 महिलाओं ने इस सेवा का लाभ लिया है। वर्ष 2020-2021 में 8,207 महिलाओं ने नसबंदी कराई तो वर्ष 2021-2022 में 8,894 महिलाओं ने नसबंदी कराई है। इसी तरह वर्ष 2020-2021 में एक भी पुरुष नसबंदी नहीं हो सकी थी, जबकि 2021-2022 में दाे पुरुषों ने नसबंदी कराई है।

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