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शाहजहापुर,प्रधानमंत्री आवास हेतु आवंटित शासकीय धन का हुआ बंदरबांट.

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शाहजहापुर,प्रधानमंत्री आवास हेतु आवंटित शासकीय धन का हुआ बंदरबांट


जांच टीम को ढूंढे नहीं मिले आवंटित प्रधानमंत्री आवास


बीडीओ ने स्पष्टीकरण हेतु जारी किये नोटिस 


संबंधित सचिवों ने नहीं दिया अभी तक स्पष्टीकरण


वर्ष 2021-22 में कागजों पर ही बन गये दो अपात्रों के आवास


भ्रष्टाचार की भेंट चढ रही कई महत्वपूर्ण महत्वाकांक्षी योजनाएं


दिनेश मिश्रा

कलान-शाहजहांपुर 

एक तरफ उत्तर प्रदेश की योगी सरकार भ्रष्टाचार पर नकेल कसने के लिए जीरो टारलेंस पर काम करने हेतु वचनबद्ध है तो वहीं दूसरी तरफ जनप्रतिनिधि तथा कर्मचारी शासकीय धन का दुरुपयोग कर भ्रष्टाचार करने से बाज नहीं आ रहे हैं।

मामला मिर्जापुर ब्लाक की ग्राम पंचायत शेरपुर कुर्रिया में प्रधान,सचिव तकनीकी सहायक और रोजगार सेवक की मिलीभगत से दो अपात्रों को प्रधानमंत्री आवास आवंटित कर कागजों पर बनवा दिए गए। जिसकी शिकायत गांव के ही ग्रामीण मधुर कुमार ने खण्ड विकास अधिकारी रामकिशोर सिंह से की थी। खंड विकास अधिकारी ने सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) विश्वकांत मिश्रा के नेतृत्व में तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन कर मामले की जांच कराई तो जांच में अपात्रों को आवंटित आवास जांच समिति को ढूंढने से नहीं मिले। जांच टीम ने स्थलीय जांच कर ग्रामीणों के बयान दर्ज किए। ग्रामीणों ने जांच टीम को दिए बयान में बताया कि लाभार्थियों को प्रधानमंत्री आवास दिए गए थे।लेकिन आवास नहीं बने।उनके पास गांव में पहले से ही 30-40 बीघा उपजाऊ कृषि योग्य भूमि और पक्के मकान बने हुए हैं। ग्रामीणों के बयानों से जांच टीम हक्का-बक्का रह गई। जिससे विभाग में खलबली मच गई। सहायक विकास अधिकारी पंचायत विश्वकांत मिश्रा द्वारा पत्रांक संख्या सी/स्था-2022-23

 दिनांक 9/6/ 2022 के क्रम में ग्राम पंचायत शेरपुर कुर्रिया वर्ष 2021-2022 में आवंटित दो आवासों का बिना निर्माण कराए शासकीय धन का भुगतान कराकर प्रधान,सचिव,रोजगार सेवक,तकनीकी सहायक ने मिलकर आपस में बंदरबांट किया जिसमें जांच टीम ने अपनी जांच रिपोर्ट खंड विकास अधिकारी मिर्जापुर को दिनांक 24/6/2022 को सौंप दी थी।

जिसके अनुसार जांच टीम ने मौके पर जाकर पड़ताल की तो पाया कि श्रीमती मुन्नी पत्नी रामप्रकाश को जो आवंटित आवास किया गया था जिसमें स्थिति यह पाई गई कि जिस मकान में गुड्डी पत्नी रामप्रकाश निवास कर रहे हैं उसमें आगे पीछे बरामदे सहित चार कमरे बने हुए हैं। जिसमें दो भाइयों का निवास बताया गया है।रामनिवास के छोटे भाई मुकेश ने लगभग डेढ़ वर्ष पूर्व मैन गली की तरफ मकान बनाया है। इस प्रकार रामनिवास के पास इससे पूर्व में दो कमरों का आवास बना हुआ था। गुड्डी पत्नी रामप्रकाश ने आवास के नाम पर कोई नव निर्माण नहीं किया गया। वहीं रामप्रकाश पुत्र मुलायम के आवास की स्थलीय जांच की गई तो ज्ञात हुआ है कि रामप्रकाश पुत्र मुलायम को आवास बनाने हेतु गांव के बीचो-बीच आबादी में जियो टैग करके आवास आवंटित किया गया था तथा उसको बनाने हेतु धनराशि आवंटित की गई थी उस स्थान पर कोई भी नवनिर्माण/आवास जांच टीम को देखने को नहीं मिला। इससे यह स्पष्ट होता है कि दोनों आवासों में सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री आवास योजना में  प्रधान,सचिव,रोजगार सेवक,तकनीकी सहायक ने मिलकर घोटाला किया और सरकारी धन का दुरुपयोग कर आपस में बंदरबांट कर लिया। लेकिन इस पूरे मामले में अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है वहीं जब इस संबंध में खण्ड विकास अधिकारी रामकिशोर सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि जांच रिपोर्ट प्राप्त हो गई है। संबंधित सचिवों को स्पष्टीकरण देने हेतु दो बार लेटर जारी किए जा चुके हैं।स्पष्टीकरण मिलने के उपरांत जांच आख्या कार्यवाही हेतु जिले पर प्रेषित कर दी जाएगी।

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