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इटावा,राज्य स्तरीय आयोजित पोषण पाठशाला में आंगनबाड़ियों को मिली सटीक जानकारी.

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इटावा,राज्य स्तरीय आयोजित पोषण पाठशाला में आंगनबाड़ियों को मिली सटीक जानकारी


पोषण पाठशाला में प्रभावी स्तनपान हेतु सही तकनीक पर हुई विस्तार पूर्वक चर्चा


इटावा,13जुलाई,2022।


बाल विकास विभाग की तरफ से स्वास्थ्य व पोषण शिक्षा पर जन समुदाय को जागरूक करने के लिए बुधवार को अपराहन 12:00 से 2:00 के बीच वर्चुअल राज्य स्तरीय पोषण पाठशाला आयोजित हुई। पोषण पाठशाला में महिला कल्याण व बाल पुष्टाहार मंत्री बेबी रानी मौर्य ने  सभी को संबोधित किया और पोषण की प्रासंगिकता के बारे में अपने विचार प्रकट किए। पोषण पाठशाला कार्यक्रम में राज्य स्तरीय विशेषज्ञ टीम में प्रभावी स्तनपान हेतु सही तकनीक पर लाभार्थियों आंगनवाड़ी को सटीक जानकारियां उपलब्ध करवाई साथ ही उनके द्वारा पूछे गए सवालों के उत्तर दिए।

प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी सूरज सिंह ने बताया कि प्रतिमाह वर्चुअल पोषण पाठशाला के द्वारा महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की जाती है जिससे आंगनवाड़ी घर घर जाकर धात्री महिलाओं को बेहतर तरीके से स्तनपान के संबंध में जानकारी प्रदान करती हैं। उन्होंने बताया इस माह थीम प्रभावी स्तनपान हेतु  सही तकनीक है। उन्होंने कहा कि प्रतिमाह आयोजित होने वाली पोषण पाठशाला से अपने-अपने आंगनवाड़ी केंद्रों से वर्चुअली आंगनबाड़ियों को जुड़कर पोषण के संदर्भ में विशेषज्ञों द्वारा जानकारी आसानी से मिल जाती है। जिससे उनकी कार्यशैली और बेहतर हो पाई है। एनआईसी इटावा पर पोषण पाठशाला वर्चुअली कार्यक्रम में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ बी एल संजय व जनपद की सभी मुख्य सेविका और प्रभारी सीडीपीओ उपस्थित रहे।


सीडीपीओ (सैंफई) लतिका सिंह ने बताया राज्य स्तरीय पोषण पाठशाला में विशेषज्ञ डॉ वंदना डॉ अरविंद,डॉ मोहम्मद सलमान द्वारा मिली जानकारी जनपद की सभी आंगनवाड़ीयों के लिए सहायक सिद्ध होगी जिससे वह अपने अपने क्षेत्र में धात्री महिलाओं को प्रभावी स्तनपान के संदर्भ में सटीक जानकारी दें पांएगी। उन्होंने बताया कि मां का दूध बच्चे के लिए अमृत समान होता है इसलिए स्तनपान कराते समय निम्न बातों का ध्यान रखें-


स्तनपान कराने से पहले धात्री स्तनों को साफ करें।


नवजात शिशु को कंगारू मदर केयर के साथ स्तनपान कराएं।


बाहर काम पर जाने वाली महिलाएं अपने स्तनों से दूध निकालकर घर पर रख कर जाएं जिससे वह दूध पिलाया जा सके।


मां के दूध को 6 घंटे तक सुरक्षित रखा जा सकता है।


धात्री बच्चे को दिन में 10-12 बार स्तनपान अवश्य कराएं।

स्तनपान कराते समय शिशु को सहलाएं।

स्तनपान कराते समय निप्पल का सिरा शिशु के मुंह के अंदर हो।

धात्री स्तनपान कराते समय ध्यान रखे बच्चे की नाक बंद न हो।


स्तनपान करते समय ध्यान रखें बच्चे की नाक बंद न हो।

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