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सीतापुर,परिवार नियोजन के लिए आईयूसीडी पर महिलाओं ने जताया भरोसा.

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सीतापुर,परिवार नियोजन के लिए आईयूसीडी पर महिलाओं ने जताया भरोसा

- इस माह के खुशहाल परिवार दिवस पर 89 ने अपनाई आईयूसीडी सेवा

सीतापुर। परिवार नियोजन के अस्थायी साधनों में आईयूसीडी (इंट्रा यूटेराइन कांट्रासेप्टिव डिवाइस) पर महिलाएं विशेष भरोसा जता रही हैं। इस माह की 21 तारीख को आयोजित खुशहाल परिवार दिवस के आंकड़े बताते हैं कि परिवार नियोजन के अस्थायी साधनों में आईयूसीडी महिलाओं की पहली पसंद बनी है। इसके अलावा पीपीआईयूसीडी (पोस्ट पार्टम इंट्रा यूटेराइन कंट्रासेप्टिव डिवाइस) दूसरी और त्रैमासिक गर्भ निरोधिक इंजेक्शन अंतरा तीसरी पसंद बना है। परिवार नियोजन के स्थायी साधन नसबंदी को 12 महिलाओं ने अपनाया है।

परिवार नियोजन कार्यक्रम के नोडल अधिकारी व एसीएमओ डॉ. कमलेश चंद्रा ने बताया कि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने में परिवार नियोजन सेवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसी क्रम में हर माह की 21 तारीख को स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्वास्थ्य केन्द्रों पर खुशहाल परिवार दिवस का आयोजन किया जाता है। इस मौके पर दंपति को परिवार नियोजन के साधनों की स्वीकार्यता बढ़ाने के बारे में जागरूक किया जाता है। इसके सकारात्मक परिणाम भी सामने आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि हर माह की 21 तारीख को सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर खुशहाल परिवार दिवस का आयोजन किया जाता है। इस मौके पर लाभार्थियों को परिवार नियोजन के साधनों में से उनके मन माफिक किसी एक को चुनने का विकल्प दिया जाता है। उन्होंने बताया कि जून माह में जिला महिला चिकित्सालय सहित ब्लॉक सीएचसी और सदर बाजार, लहरपुर और महमूदाबाद के शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर खुशहाल परिवार दिवस का आयोजन किया गया।

परिवार कल्याण कार्यक्रम के प्रबंधक जावेद खान ने बताया कि जून माह के खुशहाल परिवार दिवस पर 266 गर्भवती उच्च जोखिम वाली चिन्हित हुई हैं। इस मौके पर 89 महिलाओं ने आईयूसीडी लगवाया है। उन्होंने बताया कि दो बच्चों के जन्म के बीच अंतर रखने के लिए आईयूसीडी (इंट्रा यूटेराइन कंट्रासेप्टिव डिवाइस) महिलाओं के लिए काफी सुरक्षित मानी जाती है। इसे माहवारी के बाद अथवा प्रसव के छह सप्ताह बाद लगाया जाता है। वहीं जरूरत होने पर

इसको आसानी से निकलवाया जा सकता है। अनचाहे गर्भ से लंबे समय तक मुक्ति चाहने वाली महिलाएं इसे बेहद पसंद करती हैं। दो बच्चों के जन्म के बीच अंतर रखने के लिए पीपीआईयूसीडी (पोस्ट पार्टम इंट्रा यूटेराइन कंट्रासेप्टिव डिवाइस) महिलाओं के लिए काफी सुरक्षित मानी जाती है। इसे प्रसव के 48 घंटे के अंदर लगाया जाता है। वहीं जरूरत होने पर इसको आसानी से निकलवाया जा सकता है। अनचाहे गर्भ से लंबे समय तक मुक्ति चाहने वाली महिलाएं इसे बेहद पसंद करती हैं। जुलाई माह के खुशहाल परिवार दिवस पर 76 महिलाओं ने इसे अपनाया है। परिवार नियोजन के अस्थाई साधनों में अंतरा इंजेक्शन महिलाओं द्वारा बेहद पसंद किया जाता है। यह इंजेक्शन प्रति तीन माह के अंतर पर लगाया जाता है। इसे माहवारी आने के एक सप्ताह के अंदर और प्रसव के छह सप्ताह बाद ही लगाया जाता है। गर्भवती को यह इंजेक्शन नहीं लगाया जाता है। जुलाई माह के खुशहाल परिवार दिवस पर 69 महिलाओं ने अंतरा इंजेक्शन लगवाया है। इसके अलावा इस मौके पर अनचाहे गर्भ से बचने के लिए 785 महिलाओं को गर्भ निरोधक खाने की गोली छाया और 926 महिलाओं को माला एन गोली का भी वितरण किया गया। इसके अलावा 6,225 कंडोम का भी वितरण किया गया।

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