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इटावा,नौ माह की लाडो ने पोषण पुनर्वास केंद्र में रहकर जीती कुपोषण से जंग.

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इटावा,नौ माह की लाडो ने पोषण पुनर्वास केंद्र में रहकर जीती कुपोषण से जंग


अति कुपोषित बच्चों के लिए वरदान साबित हो रहा है पोषण पुनर्वास केंद्र


एनआरसी में भर्ती बच्चे की मां को निशुल्क भोजन व ₹50 प्रतिदिन प्रोत्साहन राशि भी प्राप्त होती है


इटावा 29जुलाई 2022।


किसी भी देश की प्रगति के लिए उस देश के नौनिहालों का बेहतर स्वास्थ्य उस देश की समृद्धि की नींव रखता है। इसलिए वर्तमान सरकार में कुपोषण को दूर करने के लिए निरंतर प्रयास किया जा रहा है इसी कड़ी में पोषण पुनर्वास केंद्र अति कुपोषित 0-5 वर्ष तक के बच्चों के लिए वरदान साबित हो रहा है यह कहना है मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ एमएम आर्या का। उन्होंने बताया 4 जनवरी 2015 में जिला अस्पताल में पोषण पुनर्वास केंद्र खोला गया जिसमें अब तक  1015 बच्चों ने कुपोषण की जंग जीती है।


लाडो ने जीती कुपोषण से जंग


इटावा शहर के नौरंगाबाद निवासी भरत जो एक मजदूर है उनकी 9 माह बेटी लाडो जिसका वजन लगभग 3 किलो था वह जन्म से ही कमजोर और कुपोषित थी।वह बताते हैं कि हमारे क्षेत्र की आंगनवाड़ी ने मुझे कई बार बच्ची को एनआरसी में भर्ती कराने के लिए कहा लेकिन मैंने लापरवाही की और बच्ची की तबीयत बिगड़ गई।

 भरत ने बताया कि मैं बच्ची को लेकर जिला अस्पताल बाल रोग विशेषज्ञ डॉ शादाब आलम के पास दिखाने गया तब उन्होंने मुझे गहनता से समझाया और बच्ची को मैंने एनआरसी में भर्ती कराया। लाडो की मां रेखा ने बताया कि 5 जुलाई को मैंने बच्ची को एनआरसी में आकर भर्ती कराया जब उसका वजन 3 किलोग्राम था और लाडो न तो सही से दूध पीती थी और न ही सोती थी।जिस प्रकार बच्चे को सोना चाहिए। रेखा ने बताया कि बच्ची को जब एनआरसी में रही तब सही मात्रा में (कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा, विटामिन, खनिज तत्व ,) पर्याप्त भोजन आहार विशेषज्ञ द्वारा हर दो-दो  घंटे में दिया गया।  यह प्रक्रिया रात में भी चलाई गई। जिससे मेरी बच्ची के स्वास्थ्य पर अनुकूल प्रभाव पड़ा और धीरे-धीरे वह स्वस्थ होने लगी। रेखा बताती है एनआरसी में दिन में तीन बार बाल रोग विशेषज्ञों द्वारा लाडो की देखरेख नियमित रूप से की गई और निशुल्क दवाइयां भी प्रदान की गई। लाडो की मां ने बताया की 19 जुलाई को जब एनआरसी से लाडो की छुट्टी की गई तब उसका वजन लगभग 4 किलो हो गया था।

 जिससे मेरे अंदर अब एक उम्मीद जन्म ले चुकी है कि मेरी लाडो और बच्चों की तरह पूरी तरह स्वस्थ हो जाएगी।

रेखा ने कहा कि सरकार द्वारा पोषण पुनर्वास केंद्र हम जैसे गरीब मां-बाप के लिए वरदान के समान ही हैं क्योंकि यहां पर जिस तरह की निशुल्क  चिकित्सक परामर्श व  सुविधाएं मिलती हैं वह हमारे लिए बहुत ही हितकर है, और खुशी की बात है मैंने बच्चे को 14 दिन एनआरसी में भर्ती कराया तो प्रतिदिन ₹50 दैनिक भत्ता और निशुल्क भोजन मुझे भी मिला साथ ही जानकारी दी गई बच्चे के प्रत्येक चार बार फॉलोअप करवाने  एनआरसी आने पर ₹150 की प्रतिपूर्ति राशि भी प्रदान की जाएगी।

लाडो के पिता भरत ने सभी जनपद वासियों से अपील की जिस तरह से मैंने अपनी बच्ची को एनआरसी में भर्ती कराने के लिए लापरवाही की इस तरह की लापरवाही आप लोग ना करें। जिला अस्पताल के पोषण पुनर्वास केंद्र में सभी सुविधाएं निशुल्क हैं यदि बच्चा अतिकुपोषित हो तो समय रहते ही उसे अवश्य भर्ती करवाएं।

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