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कानपुर,समाज को पोषित करने में महिलाओं की भूमिका अहम - मुख्य सचिव .

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कानपुर,समाज को पोषित करने में महिलाओं की भूमिका अहम - मुख्य सचिव 

कुपोषण से बचने को गर्भवतियों को दी पोषण की ‘टोकरी’

बिधनू ब्लॉक में पोषण माह के तहत हुई गोदभराई और अन्नप्राशन 

कानपुर 9 सितम्बर 2022 

आंगनबाड़ी केंद्रों पर गर्भवती, धात्री, कुपोषित, अति कुपोषित बच्चों व किशोरियों को पर्याप्त मात्रा में पोषक तत्व दिए जाते हैं। कार्यकर्ता घर-घर जाकर पोषण देने का काम कर रही हैं। समाज को पोषित करने में महिलाओं की भूमिका अहम है। यह बाते उत्तरप्रदेश के मुख्य सचिव दुर्गाशंकर मिश्रा ने बिधनू ब्लॉक में पोषण माह के तहत हुई गोदभराई और अन्नप्राशन कार्यक्रम में कहीं। इस दौरान कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही भी मौजूद रहें। उन्होंने खाने की मात्रा को बढ़ाते हुए नियमित रूप से पौष्टिक आहार का सेवन भी जरूरी बताया ताकि बच्चा स्वस्थ पैदा हो सके।

मुख्य सचिव व कृषि मंत्री ने विभिन्न गांवों से आईं दो गर्भवती महिलाओं अंजलि और रिंकी को फूल माला पहनाई, चुनरी ओढ़ाकर और पोषण युक्त वस्तुओं की टोकरी देकर गोदभराई की रस्म अदा की। टोकरी में गुड़, चना, हरी पत्तेदार सब्जियां, आयरन की गोली, पोषाहार व फल आदि था। साथ ही 6 माह पूरे कर चुके परी और श्रेयांश को खीर खिलाते हुए उनका अन्नप्राशन कराया। उन्होंने कहा कि बच्चे को जन्म के बाद छह माह तक केवल मां का दूध ही दिया जाना चाहिए। लेकिन छह माह बाद शिशुओं को अतिरिक्त आहार का भी सेवन कराना चाहिए। कमजोर बच्चों को जिला अस्पताल के एनआरसी में भिजवाएं।

जिला कार्यक्रम अधिकारी दुर्गेश प्रताप सिंह ने बताया- पूरे माह चार बेसिक थीम - महिला एवं स्वास्थ्य, बच्चा शिक्षा-पोषण भी पढ़ाई भी, लैंगिंक संवेदनशीलता, जल संरक्षण व प्रबंधन और आदिवासी क्षेत्र में महिलाओं व बच्चों के लिए पारंपरिक खानपान आदि पर काम किया जाएगा। ब्लॉक बिधनू की बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) रत्न श्रीवास्तव ने कहा कि गर्भवती, किशोरियां व बच्चो में एनीमिया की रोकथाम जरूरी है। गर्भवती को 180 दिन तक आयरन की एक लाल गोली जरूर खाना चाहिए। साथ ही सही उम्र में शिशुओं को अतिरिक्त आहार के देने से उनका पूरी तरह शारिरीक विकास होता है और वह कुपोषण का शिकार होने से बच सकता है।

बिधनू ब्लॉक के एक गाँव की रहने वाली रिंकी  ने बताया कि वह पहली बार गर्भवती हुई है। उसके परिवार में गोद भराई की रस्म भी होती है। लेकिन इस कार्यक्रम में सम्मान के साथ उसे कई अहम जानकारियां भी मिली हैं। वह स्वयं व अपने होने वाले बच्चे के स्वास्थ्य पर पूरा ध्यान देगी। इसके अलावा अपने परिवार व आसपास गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक भोजन लेने के प्रति जागरूक करेगी।

मौके पर मुख्य सेविकायें , आँगनवाड़ी कार्यकर्ता, धात्री महिलायें व बच्चों सहित अन्य लोग बड़ी संख्या में उपस्तिथ रहे।

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